सफलता एक निरर्थक शब्द है दोस्त

शशिभूषण द्विवेदी के पत्र मनोज कुमार पांडेय के नाम

एक बहुत ही निजी, मासूम और पवित्र भाषा के लिए बधाई! काफ़ी दिनों बाद इतना निजी और अल्हड़ गद्य पढ़ा। सोचने लगा कि बहुत सारी समझदारी ने कहीं हमारी भाषा को ज़रूरत से ज़्यादा सार्वजनिक तो नहीं कर दिया… पता नहीं!

‘आलम किसू हकीम का बाँधा तिलिस्म है’

मैं इलाहाबाद, बनारस होते हुए दिल्ली पहुँचा; और मुझ तक पहुँचती रहीं कविताओं से भरी हुई हिंदी की छोटी-बड़ी अनगिनत पत्रिकाएँ। मैं हर जगह अपने वय के कवियों से जुड़ा रहा। बहुत से कवियों को उनकी पहली कविता से जानता हूँ। कई को उनके पहले सार्वजनिक पाठ से। कई कवियों की कविताओं के हर ड्राफ़्ट से वाक़िफ़ हूँ।

‘सारी मानवीयता दाँव पर लगी है’

योगेंद्र आहूजा से अविनाश मिश्र की बातचीत

साक्षात्कार या संवाद के शिल्प में नहीं इस साक्षात्कार या संवाद की शुरुआत आज से क़रीब चार वर्ष पूर्व हुई। मुलाक़ातों और सवालों के सिलसिले इसमें जुड़ते और नए होते चले गए। सवालों के जवाब देने और उन्हें माँजने के लिए यहाँ पर्याप्त वक़्त लिया गया। प्रत्येक जवाब पर एक रचना की तरह कार्य किया गया है। यह प्रयास और धैर्य अपनी ओर से आ रहे शब्दों के प्रति एक रचनाकार की ज़िम्मेदारी और नैतिकता को दर्शाता है।

मैंने हिंदी को क्यों चुना

मैं अब सबके साथ होते हुए भी अकेला महसूस करती थी। ऐसा नहीं है कि मेरे पास दोस्तों की कमी थी, लेकिन मैं उन सबके बीच में होते हुए भी उन लोगों को अपने दिल की बात नहीं बता पा रही थी।

जो हमें प्यारा लगता है

नवीन सागर (1948-2000) हिंदी के अत्यंत महत्त्वपूर्ण कवि-कथाकार हैं। यहाँ प्रस्तुत पत्र उन्होंने अपने पुत्र अनिरुद्ध सागर को 28 अक्टूबर 1996 को भोपाल से लिखा था। अनिरुद्ध उन दिनों (1995-96) दिल्ली में सेरेमिक कलाकार पांडू रंगैया दरोज़ के पास बतौर प्रशिक्षु काम कर रहे थे। अनिरुद्ध अभी दिल्ली में ही रहते हैं और सिरेमिक माध्यम में ही काम कर रहे हैं।

मुझे ‘एक सही ख़याल’ चाहिए

गीत चतुर्वेदी से हरि कार्की की बातचीत

गीत चतुर्वेदी (जन्म : 1977) हिंदी के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले समकालीन लेखकों में से एक हैं। कविताओं की तीन किताबों सहित उनकी दस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हैं। उनकी कविता-पंक्तियों ने मौजूदा कविता-समय में संप्रेषण, प्रस्तुति और प्रसार के नए मानक रचे हैं। गीत के प्रसंग में यह सब कुछ इसलिए भी सुंदर और उल्लेखनीय लगता है, क्योंकि वह ख़ूब पढ़े-लिखे और नई दुनिया की समझ रखने वाले व्यक्तित्व हैं।

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